Close
Print This Post Print This Post

2nd trimester TIFFA scan in pregnancy- What should you know

Author: Dr Varsha Sodani, Sampurna Sodani Diagnostics,Indore, Madhya Pradesh

This is a health education article primarily meant to improve awareness of radiology and ultrasound procedures done in pregnancy. This series of articles are part of Samrakshan, a national program of IRIA to reduce avoidable deaths of babies during pregnancy in India led by Dr Rijo Mathew Choorakuttil and a dedicated team of Fetal Radiologists in India.

TIFFA SCAN

गर्भवती होना दंपति और पूरे परिवार के लिए एक अलग एहसास है। प्रत्येक माता-पिता नन्हे मेहमान के लिए उत्साहित रहते हैं, लेकिन बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के बारे में भी कई चिन्ताएँ रहती हैं। TIFFA स्कैन के माध्यम से माता के गर्भ में विकसित हो रहे शिशु को विस्तारपूर्वक देखा जा सकता है।

Being pregnant is a wonderful feeling for the couple and the entire family. Everyone is way excited for the baby, but along with the excitement there are many concerns of good health of the baby. Through TIFFA scan parents can get a peep into the inside of a mothers womb. 

1. TIFFA स्कैन का क्या अर्थ है?

TIFFA का अर्थ है टारगेटेड इमेजिंग फॉर फीटल एनॉमलीस(Targeted Imaging for fetal Anomalies)  । इसे सेकेण्ड ट्राइमेस्टर एनॉमली/ टारगेटेड स्कैन / लेवल-II या एनाटॉमी स्कैन के नाम से भी जाना जाता है।

1. What does TIFFA scan mean?

 TIFFA stands for Targeted Imaging for Fetal Anomalies. It is also known as 2nd trimester anomaly scan/ Targetted scan/ Level II scan or Anatomy scan.

2. TIFFA स्कैन का क्या महत्व है?

यह दूसरे ट्राइमेस्टर में किया गया एक महत्वपूर्ण स्कैन है। कई गुणसूत्र (Chromosomal) और संरचनात्मक (developmental) असामान्यताओं का निदान गर्भावस्था के इस स्टेप में किया जा सकता है | यह स्कैन बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में अधिक आश्वस्त होने में मदद करता है। विश्वास कीजिए, यह सबसे ख़ूबसूरत स्कैन में से एक है। यह आपको अपने शिशु से जुड़ने और एक भावनात्मक बंधन विकसित करने में मददगार रहेगा।

2. What is importance of TIFFA scan?

It is a very important scan done in your second trimester. There are multiple chromosomal and structural abnormalities that can be diagnosed at this stage of your pregnancy, and this scan helps you to become more confident of health of your baby.  Believe me for most instances, it is one of the most beautiful scan you will ever come across. It helps you to connect to your little one and develop an emotional bonding.

3. मुझे इस स्कैन की आवश्यकता क्यों है? क्या सभी गर्भवती महिलाओं को इसकी आवश्यकता होती है?

इस स्कैन का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या आपके शिशु में कोई संरचनात्मक असामान्यता है और इसलिए प्रत्येक महिलाओं में यह स्कैन किया जाना चाहिए । कई जन्मजात असामान्यताएं हैं, जिनका निदान आपकी गर्भावस्था के इस चरण में किया जा सकता है। 

डॉक्टर द्वारा इस स्कैन में यह देखा जाएगा- 

क्या गर्भस्थ शिशु के अंग पूर्ण रूप से विकसित हो रहे हैं,

विभिन्न संरचनाएँ जैसे- मस्तिष्क और रीढ़, गुर्दे, मूत्राशय, पेट, हाथ / पैर, चेहरा, फेफड़े और हृदय, 

प्लेसेंटा की स्थिति, 

शिशु के आसपास तरल पदार्थ (पानी), 

गर्भाशय और शिशु को रक्त की आपूर्ति और भ्रूण का संचलन आदि I

यदि सुविधा है तो सभी गर्भवती महिलाओं को यह स्कैन परीक्षण करवाना चाहिए।

3.Why do I need this scan? Do all the pregnant women need it?

The main purpose of this scan is to find if there is any structural abnormality in your baby and therefore should be performed in every women even if the risk for any abnormality is low.

There are multiple congenital abnormalities that could be diagnosed at this stage of your pregnancy. 

Your doctor will see –

Organs of your baby and take some measurements to look at the growth. 

Various structures like- brain and spine, kidneys, urinary bladder, stomach, hands/ legs, face, lungs and heart. 

Look at position of placenta,

Liquor (water) surrounding your baby,

Blood supply to uterus and baby and fetal movements.

All the pregnant women should undergo this scan if facility exists.

4. क्या मैं गर्भावस्था के किसी भी समय यह स्कैन करवा सकती हूँ?

नहीं, यह स्कैन केवल 18-22 सप्ताह की गर्भावस्था के बीच ही किया जा सकता है। 18 सप्ताह से पहले भ्रूण के अंग अपर्याप्त आकार और विकास वाले होते हैं, इस वजह से निदान में कठिनाई हो सकती है। एक समय पश्चात गर्भस्थ शिशु की जाँच करना मुश्किल हो जाता है।

4. Can I get this scan done at any time of my pregnancy?

No, this scan can only be done between 18-22 weeks of pregnancy.  The fetal organs may be of insufficient size and development and pose difficulty in diagnosis before 18 weeks. Later in the pregnancy, it becomes more difficult to visualize details of baby. 

5. TIFFA स्कैन कैसे होगा?

आपको एक अल्ट्रासाउंड टेबल पर लेटने के लिए कहा जाएगा और विभिन्न कोणों (एंगल्स) पर रखे अल्ट्रासाउंड ट्राँसड्यूसर की मदद से शिशु को देखा जाएगा। कभी-कभी कुछ मिनट के बाद पुनः स्केन किया जाएगा। अगर गर्भ में शिशु की स्थिति प्रतिकूल नहीं हो तो स्कैन अगले दिन भी किया जा सकता है। इसमें आपको शिशु के चेहरे, अंगों और रीढ़ की 3D / 4D छवि भी दी जा सकती हैं।

5. How will the anomaly scan be done?

You will be asked to lie down on an ultrasound table and with help of ultrasound transducer kept at different angles, the baby will be visualised. Sometimes you will be rescanned after few minutes or may be next day if unfavourable position of baby is there or if all details cannot be seen. 

You may get beautiful 3D/4D images of baby’s face, limbs and spine too. 

6. क्या स्कैन से पहले कोई तैयारी आवश्यक होती है?

नहीं, स्कैन से पहले कोई विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं है। आंशिक रूप से भरा हुआ यूरिनरी ब्लेडर अध्ययन में मददगार है। स्कैन के लिए ढीले कपड़े पहनने का सुझाव दिया जाता है।

6. Is their any preparation required before the scan?

No special preparation is required before the scan.  Partially filled bladder is good for the study. Wearing loose clothing is suggested for the scan.

7. क्या इससे गर्भ में शिशु पर कोई हानिकारक प्रभाव पड़ता है?

नहीं, अल्ट्रासाउंड आपके और गर्भस्थ शिशु के लिए सुरक्षित है। यहां तक कि 3D / 4D छवियां प्राप्त करना भी आपके बच्चे के लिए सुरक्षित है।

7. Does it cause any harmful effect on my baby?

 No, Ultrasound is safe for you and your baby. Even getting a 3D/4D images is safe for your baby.

8. स्कैन को पूरा करने में कितना समय लगता है?

इस कार्य में करीब 45 मिनट लगते हैं। अगर कभी शिशु की स्थिति संतोषजनक नहीं होती है, तो  कुछ समय इन्तजार करने के बाद पुनः स्कैन किया जा सकता है।

8. How much time does it take to complete the scan?

On an average it takes around 45 minutes to complete the scan. Sometimes if the position of baby is not satisfactory then your doctor may recall you for second sitting.

9. क्या मुझे जाँच के दौरान किसी तरह का दर्द होगा?

नहीं, आपको इस स्कैन के दौरान किसी भी प्रकार का दर्द नहीं होगा। हालांकि आपके डॉक्टर को अच्छी इमेज प्राप्त करने के लिए कुछ दबाव (प्रेशर) लगाना पड़ सकता है। यदि ट्राँसविजिनल (टी वी एस) स्कैन की आवश्यकता है तो हल्का दर्द हो सकता है।

9. Will I have any kind of pain during the study?

No, you will not have any kind of pain during trans-abdominal scan though your doctor may have to apply some pressure to get good images. There may be slight pain if transvaginal scan  (TVS) is required.  

10. क्या मुझे इस स्कैन के दौरान भूखे पेट (उपवास) रहने की आवश्यकता है?

स्कैन के लिए आने से पहले आप नाश्ता घर से करके आईए। इस स्कैन में समय लगता है और हम चाहते हैं कि आप और शिशु स्कैन के दौरान अच्छी ऊर्जा में रहें। आपको वर्तमान COVID संकट में विशेष रूप से अपने साथ पानी की एक बोतल और कुछ बिस्किट / फ़ल / स्नैक्स भी लाने की सलाह दी जाती है।

10.  Do I need to be in fasting state during this scan?

It is recommend that you have your breakfast / lunch before coming for the scan. This scan takes time and we want you and your little one to be in good energy throughout the scan. You should also carry a bottle of water and some snacks along with you specially in current COVID crisis.

11. क्या मुझे यह स्कैन प्राप्त करने के लिए अपॉइन्टमेन्ट की आवश्यकता होगी?

हां, आपको पहले से अपॉइन्टमेन्ट लेना होगा, क्योंकि इस तरह के स्कैन में समय लगता है।

11. Do I need prior appointment to get this scan?

Yes, you have to take an appointment before as this is a time consuming test. 

12. इस स्कैन में क्या विसंगतियाँ देखी जा सकती हैं?

विसंगति का मतलब है-  गर्भावस्था के दौरान शिशु के विकास में असामान्य स्थिति I

अधिकांश मामले सामान्य निकलते हैं या उनमें हल्की असामान्यताएं होती हैं। केवल कुछ मामले गंभीर या जीवन घातक होते है I

कई प्रमुख संरचनात्मक समस्याओं को अच्छी तरह और आत्मविश्वास से अल्ट्रासाउंड पर निदान किया जा सकता है जैसे कि –

  • स्पाइना बिफिडा- रीढ़ और रीढ़ की हड्डी का ठीक से नही बनना,
  • होलोप्रोसेन्सेफली – मस्तिष्क के विकास की असामान्यता जिसमें मस्तिष्क दो भागों में ठीक से विभाजित नहीं होता है I यह स्थिति सिर और चेहरे के विकास को भी प्रभावित कर सकती है I
  • एनेनसेफेली- एनेनसेफेली एक जीवन-सीमित स्थिति है जहां बच्चे का मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी (भ्रूण का तंत्रिका तंत्र) ठीक से विकसित नहीं होते है। यह एक बहुत गंभीर स्थिति है जहाँ बच्चे की खोपड़ी और मस्तिष्क के बड़े हिस्से गायब होते हैं। बच्चे का चेहरा और गर्दन भी प्रभावित हो सकता है।
  • क्लेफ्ट लिप- जब बच्चा ऊपरी होंठ या मुंह (तालू) की छत में कोई कमी के साथ पैदा होता है। ये सबसे आम जन्म दोषों में से एक हैं,
  • दिल मे कोई छेद या खराबी, 
  • हाथ, पैर, छाती या कभी-कभी खोपड़ी की हड्डियों में असामान्यताएं जो शरीर के बाकी हिस्सों के अनुपात से बाहर हैं। 

कुछ संदिग्ध बीमारियों के लिए अन्य विशेषज्ञ द्वारा स्कैन या आंकलन की आवश्यकता हो सकती है। अल्ट्रासाउंड पर सभी विसंगतियों को नहीं पहचाना जा सकता, लेकिन बहुत सारी असामान्यताएँ की जानकारी संभव है | 

12.What anomalies can be seen in this scan?

Fetal anomalies refer to unusual or unexpected conditions in a baby’s development during pregnancy. Most of the cases turn out to be normal or have mild abnormalities. Only few cases may have some significant or life threatening abnormalities.

Many major structural problems could be well and confidently diagnosed on ultrasound like-

  • Spina bifida-where spine and spinal cord are improperly formed,
  • Holoprosencephaly- Abnormality of brain development in which the brain is not properly divided into two parts. This condition can also affect the development of head and face.,
  • Anencephaly- is a life-limiting condition where the baby’s brain and spinal cord (the fetal nervous system) do not develop properly. This is a very serious condition where large parts of the baby’s skull and brain are missing. The baby’s face and neck may also be affected.
  • Cleft lip and palate -when a baby is born with an opening in the upper lip or the roof of the mouth (the palate). These are one of the most common birth defects.
  • Hole in the heart or other complex conditions,
  • Skeletal abnormalities-  abnormalities in the bones of the arms, legs, chest or, sometimes, the skull which are out of proportion with the rest of the  body. Some of these conditions may endanger life too.

There are few suspicious findings that may need a follow up scan or further evaluation either by some other specialist. 

All the anomalies cannot be picked up on ultrasound but it is always reassuring to know that your baby is doing good.

13. मेरे स्कैन मे सॉफ्ट मार्कर होने की जानकारी दी गयी है। सॉफ्ट मार्कर का क्या मतलब है और वे कितने खतरनाक हैं?

यह जानना महत्वपूर्ण है कि कई सामान्य शिशुओं में भी सॉफ्ट मार्कर हो सकते हैं। सॉफ्ट मार्कर अपने आप में कोई असामान्यता नहीं है, लेकिन यह बीमारी की संभावना को बढ़ाता है। 

13. My scan reveals a soft marker. What does soft marker mean and how dangerous are they?

It is important to know that many of the normal babies also have soft markers. Soft marker is not an abnormality in itself but it increases the likelihood of a disease. 

There are many soft markers and usually if present in isolation are not of much significance. Many of these soft markers would even regress by end of your pregnancy in follow up scans.

14. क्या मेरी गर्भावस्था में TIFFA के बाद कोई और स्कैन किया जाएगा?

आवश्यकता के आधार पर आपकी डिलीवरी तक करीब दो और अल्ट्रासाउंड स्कैन होंगे। शिशु की स्थिति और वृद्धि, शिशु के चारों ओर पानी, गर्दन के चारों ओर गर्भनाल, गर्भाशय और शिशु को रक्त की आपूर्ति जानने के लिए किया जाता है। 

14. Will there be any more scans done after TIFFA in my pregnancy?

Depending on the requirement there will be approximately 2 more ultrasound scans till your delivery.

These would be mainly to look at –

position and growth of baby, 

water around the baby, 

umbilical cord around neck,

placental position and blood supply to uterus and baby. 

15. यदि TIFFA स्कैन सामान्य है, तो क्या इसका मतलब है कि मुझे 100% यकीन है कि शिशु में कोई असामान्यता नहीं होगी?

नहीं ऐसी बात नहीं है। जैसा कि पहले कहा गया था, अल्ट्रासाउंड पर सभी विसंगतियों को नहीं पहचाना जा सकता, लेकिन TIFFA स्कैन से बहुत सारी असामान्यताएँ की जानकारी संभव है |  अगर जाँच में कोई असामान्यता का पता लगता है तो कई अन्य जाँचें भी कराई जा सकती हैंI  

15. If the TIFFA scan is normal, does that mean that I am 100% sure that there will not be any abnormality in my child?

No, this is not the case. Not all the anomalies can be picked up by ultrasound. Your doctor will have a checklist of things he/she need to see. There are many other tests done to be more sure of any existing abnormality, but having an anomaly scan will rule out many abnormalities.

16. अगर मुझे मेरा TIFFA स्कैन कुछ असामान्यता दिखाता है तो मुझे क्या करना होगा?

यदि किसी भी असामान्यता का पता चलता है तो डॉक्टर रिपोर्ट में निष्कर्षों का उल्लेख करेंगे। यदि संदिग्ध निष्कर्ष हैं, तो आपको दूसरी राय प्राप्त करने के लिए कहा जा सकता है या कुछ दिनों बाद आपको फिर से बुलाया जा सकता है। फिर सारी जाँचों के आधार पर आपके डॉक्टर आगे की सलाह देंगे। इससे बच्चे का जन्म एक टर्शरी केयर हॉस्पिटल में कराने का संकेत भी मिल जाता है। आपके बच्चे के जन्म के बाद उपचार करने योग्य कई बीमारियां हैं और इस स्कैन को प्राप्त करने से आपके डॉक्टर पहले से आवश्यक  प्रक्रिया के लिए तैयार हो जाएँगे।

16.What will I have to do if my TIFFA scan shows some abnormality?

In case your doctor come across any abnormality, he / she will mention the findings in the report. If there are suspicious findings then you may be asked to get a second opinion or get it rescanned after some time.   

You may be advised further evaluation with help of additional tests and counselling regarding implications of such findings.

It gives indication to the parents to get their child delivered in a tertiary care center. There are many conditions which are treatable after your baby is born and by getting this scan your doctor will be well prepared in advance for any urgent procedure required. 

17. अगर मेरा TIFFA स्कैन नॉर्मल है तो क्या क्वाडरूपल मार्कर परीक्षण की आवश्यकता है?

जैसा कि मैंने कहा, सभी असामान्यताओं का निदान अल्ट्रासाउंड से नहीं किया जा सकता है।  क्वाडरूपल मार्कर स्क्रीनिंग परीक्षा है। परीक्षण के परिणाम केवल दर्शाते हैं कि आपके बच्चे में कुछ असामान्यता होने का अधिक जोखिम है। यदि जोखिम स्तर मध्यम या अधिक है, तो आपके पास और परीक्षण कराने का विकल्प भी होता है।

17. Is there no need of getting quadruple marker test if I get this scan done?

As I said , not all abnormalities could be diagnosed with ultrasound. The quadruple marker is a routine prenatal screening test.Test results only show whether you have a higher risk of carrying a baby with certain abnormality. If the risk level is moderate or high, you have the option to follow the quadruple test with another test that’s more conclusive.             

Leave a Reply

0 Comments
scroll to top